ट्रम्प प्रशासन द्वारा 2.2 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता के बावजूद, वैश्विक आर्थिक मंदी की शुरूआत हो चुकी है और बड़ी बड़ी कंपनियां दिवालिया होनी शुरू हो गई हैं।
इस महामारी ने दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाज़ार के लिए मांग और आपूर्ति में समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।
हालांकि इससे हर कोई नुक़सान में नहीं है, ऑनलाइन कारोबार करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां इस संकट से ख़ूब पैसा कमा रही हैं, इसलिए कि लॉकडाउन की वजह से लोग अपने घरों में बंद हैं और वे अपनी ज़रूरत की चीज़ें इन कंपनियों से ख़रीद रहे है।
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के अनुसार, अमरीकी खुदरा विक्रेता इस मंदी के दौर में सबसे अधिक पैसा कमा रहे हैं। मार्च के पहले हफ्तों में खाद्य पदार्थों की खुदरा बिक्री में काफ़ी उछाल आया और इसमें आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस तरह के व्यवसाय के लिए एक अभूतपूर्व वृद्धि है।
रिपोर्ट के अनुसार, संभव है कि आने वाले दिनों में यह वृद्धि दोहरे अंकों तक पहुंच जाए।
रेटिंग एजेंसी मूडीज़ का कहना है कि ऑनलाइन खुदरा विक्रेता जैसे कि सुपरमार्केटों, दवा की कंपनियों और किराने की दुकानों को भारी लाभ होने जा रहा है, इसलिए कि उपभोक्ता खाद्य पदार्थों और रोज़मर्रा की अन्य ज़रूरत की चीज़ों को स्टॉक करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक़, जिन खुदरा विक्रेताओं ने संकट की शुरूआत से पहले ऑनलाइन ख़रीदारी का प्रबंधन किया था, उन्हें भारी लाभ हुआ है। इसके लिए सबसे अधिक फ़ायदा अमेज़ॅन, वॉलमार्ट और क्रोगर को हुआ है।
अमरीकी निजी इक्विटी प्रबंधक गैरी कोरोलेव का कहना है कि इन सभी खुदरा विक्रेताओं में अमेज़ॅन की स्थिति सबसे मज़बूत है।
उनका कहना था कि अमेज़न घर में बंद ग्राहकों के लिए बुनियादी ज़रूरतों की चीज़ें और सेवाएं उपलब्ध करती है, जैसे कि मनोरंजन के लिए फ़िल्में, किताबें, खाद्य पदार्थ और अन्य ज़रूरत की चीज़ें व सामान।
इस समय, अमेज़न एक ऐसी कंपनी है, जिसने पूरे अमरीका और विश्व में वितरण केंद्रों का सबसे विकसित नेटवर्क तैयार किया है।
यह कंपनी तेज़ी से विकास कर रही है और इसने ऑर्डर्स की आपूर्ति के लिए एक लाख नए कर्मचारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है।
पिछले हफ़्ते ही अमेज़न के कर्मचारियों के लिए जारी किए गए एक ज्ञापन में कंपनी के सीईओ जेफ़ बेज़ोस ने कहा था कि "मेरा पूरा ध्यान और समय इस समय पूरी तरह से कोविड-19 पर केंद्रित है कि अमेज़न इसमें कैसे अपनी भूमिका निभा सकती है।"
बुधवार को अमरीका के 32 राज्यों ने बेज़ोस से ज़रूरत की बुनियादी चीज़ों की हद से ज़्यादा बढ़ी हुई क़ीमतों पर क़ाबू पाने के लिए कहा था।
शोध समूह यूएस पीआईआरजी के अनुसार, महामारी के दौरान अमेज़न के माध्यम से सीधे बेचे जाने वाले छह उत्पादों में से एक की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी हुई है। कुछ मामलों में, क़ीमत दस गुना तक बढ़ गई है। इस प्रकार, सैनिटाइज़र की एक बोतल की कीमत, 25 डॉलर से सीधे 250 डॉलर तक पहुंच गई है।